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Showing posts from 2015

ग्रीन टी पीजिए और बीमारी दूर भगाइए

हरी चाय(green tea) के फायदा
दांतों की रक्षा में सहायक: ग्रीन टी मसूड़ों में मौजूद नुक्सानदायक बैक्टीरिया को नष्ट कर दांतों की रक्षा करती है। इसमें मौजूद फ्लोरीन दांतों में खोड़ों (कैविटीज) के बनने को रोकता है।

गठिया से बचाव : जो लोग चार या पांच कप ग्रीन टी का सेवन करते हैं वे रूमेटाइड आर्थराइटिस पर नियंत्रण कर सकते हैं।
रोग प्रतिरोधक( immunity) क्षमता बढ़ाने में मदद: कुछ लोगों में स्टैमिना की कमी होती है, ग्रीन टी में मौजूद गुराना उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है।
गुर्दे के इंफेक्शन  से सुरक्षा ग्रीन नियमित सेवन से गुर्दों के संक्रमण की संभावना कम होती है।

मस्तिष्क बीमारियों से लडने में सहायता ग्रीन टी में विभिन्न किस्म के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मल्टीपल स्कलीरोसिस जैसी दिमागी बीमारियों से लडने में सहायक होते हैं। ये दिमाग की कार्यप्रणाली को भी बढ़ाते हैं।
पाचन और भूख में : ग्रीन टी के सेवन से पाचन क्रिया बेहतर और तेज गति से काम करती है और यह भूख भी बढ़ाती है।

कैंसर से रक्षा में : माना जाता है कि ग्रीन टी में कुछ ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को शरीर मे…

इस्लाम मे औरत के अधिकार

इस्लाम और मुसलमानों के बारे में लोगों के मन में जो ग़लतफहमियॉ पार्इ जाती हैं उनमें से कुछ गलतफहमियॉ महिलाओं के बारे में हैं। इस्लाम से पहले आमतौर से हर समाज और हर सोसाइटी में औरत को कमज़ोर समझा जाता था। उसका अपमान किया जाता और तरह-तरह के ज़ुल्मों का उसे निशाना बनाया जाता था। • भारतीय समाज में पति के मर जाने पर पति की लाश के साथ पत्नी को भी सती कर जीवित जला दिया जाता था। • चीन में औरत के पैर में लोहे के तंग जूते पहनाए जाते थें। • अरब में लड़कियों को ज़िंदा गाड़ दिया जाता था। इतिहास गवाह हैं कि इन अत्याचारों के विरूद्ध आवाज उठाने वाले सुधारक निकटवर्ती युग में पैदा हुए हैं, लेकिन इन सभी सुधारकों से सैकड़ों वर्ष पहले अरब देश में प्यारे नबी सल्ल0 औरतों के हितैषी के रूप में नजर आते हैं और औरतों पर ढाये जाने वाले अत्याचारों का खात्मा कर देते हैं। औरत के अधिकारों के प्रति अनभिज्ञ, अरब समाज मे प्यारे नबी सल्ल0 ने औरत को मर्द के बराबर दर्जा दिया। औरत का जायदाद और सम्पत्ति मे कोर्इ हक न था, आप स0 ने विरासत मे उसका हक नियत किया। औरत के हक और अधिकार बताने के लिए कुरआन मे निर्देश उता…

शुक्राणुहीनता NIL SPERM

शुक्राणु की कमी के कारण और निवारण आदमी दिखनें में तन्दरुस्त हो ताकतवर हो लेकिन उसके शुक्राणु अगर दुर्बल हैं तो वो गर्भ धारण नहीं करवा सकते - तो जानें वीर्य में स्वस्थ शुक्राणुओं को बढ़ाने के चंद तरीके - पुरुष के वीर्य में शुक्राणु होते हैं ये शुक्राणु स्त्री के डिम्बाणु को निषेचित कर गर्भ धारण के लिये जिम्मेदार होते हैं - वीर्य में इन शुक्राणुओं की तादाद कम होने को शुक्राणु अल्पता की स्थिति कहा जाता है। शुक्राणु की कमी को ओलिगोस्पर्मिया कहते हैं लेकिन अगर वीर्य में शुक्राणुओं की मौजूदगी ही नहीं है तो इसे एज़ूस्पर्मिया संज्ञा दी जाती है ऐसे पुरुष संतान पैदा करने योग्य नहीं होते हैं। वीर्य में स्वस्थ शुक्राणुओं की तादाद कम होने के निम्न कारण हो सकते हैं-- * वीर्य का दूषित होना * अंडकोष पर गरमी के कारण वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है। ज्यादा तंग अन्डर वियर पहिनने,गरम पानी से स्नान करने, बहुत देर तक गरम पानी के टब में बैठने और मोटापा होने से शुक्राणु अल्पता हो जाती है। * हस्तमैथुन से बार बार वीर्य स्खलित करना * थौडी अवधि में कई बार स्त्री समागम करना * अधिक शारीरिक और मानसिक …