Saturday, July 27, 2013

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द : महमूद मदनी

   जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि हजरत शेखुल हिंद की खिदमात और रेशमी रुमाल की तहरीक के सौ वर्ष पूरे होने पर जमीयत द्वारा देवबंद में विशाल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।          

   मदनी मंजिल पर आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में बोलते हुए मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि जंग-ए-आजादी में शेखुल हिंद द्वारा दिए गए योगदान को कभी नहीं भूलाया जा सकता। 
    तहरीक रेशमी रुमाल पर विस्तार से रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की मजलिस ए आमला (वर्किंग कमेटी) द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि शेखुल हिंद की सेवाओं को उजागर करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में 100 कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। 
  जमीयत द्वारा 80 सफल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा चुका है तथा रेशमी रुमाल की तहरीक के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी नवंबर माह में 100वीं कॉन्फ्रेंस देवबंद में विशाल रूप में आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इजलास में देश विदेश के प्रमुख उलेमा समेत करीब 10 लाख लोगाों के भाग लेने की संभावना है। 
  बैठक में 100वीं कॉन्फ्रेंस हेतू स्थान नियुक्त करने के लिए दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया भी गया। बैठक की अध्यक्षता मौलाना महमूद मदनी व संचालन मौलाना हसीब सिद्दीकी ने किया। इस मौके पर चौ. सादिक, उमैर उस्मानी, हाजी खलील, अब्दुल सत्तार, मुल्ला अकरम कुरैशी, मौ. इनाम कुरैशी, हाजी मोहम्मद जैद, सदरुद्दीन अंसारी, मौलाना मोहम्मद मदनी, नौशाद प्रधान, साबिर अली प्रधान, सलीम उस्मानी, डॉ. अब्दुल रऊफ आदि मौजूद रहे।  

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