Monday, March 4, 2013

पुलिस अधिकारी ज़िया व अन्य सैनिकों को शहीद का खि़ताब और सम्मान दिया जाय


पुलिस अधिकारी ज़िया उल हक़ को पब्लिक ने उग्र होकर मार डाला या भीड़ को भड़का कर गुण्डा तत्वों ने मार डाला। बहरहाल एक ज़ांबाज़ अफ़सर मारा गया। हर साल ऐसे बहुत से अधिकारी और सिपाही अपनी ड्यूटी के दौरान मारे जाते हैं।
इन्हें सैनिकों की तरह शहीद का खि़ताब और सम्मान नहीं दिया जाता।
क्यों नहीं दिया जाता ?
इस पर सोचना चाहिए।
इस बात की व्यवस्था भी करनी चाहिए कि उनकी मौत के बाद उनके परिवार के लोगों का जीवन उसी स्तर पर चलता रहे जैसे कि उसकी मौजूदगी में चल रहा था।
ऐसा नहीं किया जाता तो उनके काम करने के अंदाज़ पर उल्टा असर पड़ सकता है।
गुण्डों को पकड़कर सख्त सज़ा देकर उनका मनोबल तोड़ना भी ज़रूरी है।
हमें हिफ़ाज़त देने वालों की हिफ़ाज़त ख़तरे में नहीं रहनी चाहिए।

4 comments:

Shah Nawaz said...

Bilkul sahi kaha aapne...

Shikha Kaushik said...

you are very right .

DR. ANWER JAMAL said...

हमें हिफ़ाज़त देने वालों की हिफ़ाज़त ख़तरे में नहीं रहनी चाहिए।
इस बात की व्यवस्था भी करनी चाहिए कि उनकी मौत के बाद उनके परिवार के लोगों का जीवन उसी स्तर पर चलता रहे जैसे कि उसकी मौजूदगी में चल रहा था।
ऐसा नहीं किया जाता तो उनके काम करने के अंदाज़ पर उल्टा असर पड़ सकता है।

travel ufo said...

सही बात

गर्भाशय की सूजन Uterus Swelling

अक्सर लोगों को पेट में दर्द की समस्या होती है। कई बार ये दर्द लाइफस्टाइल में हुए बदलाव, मौसम में बदलाव और गलत-खान-पान के चलते होता है। लेक...