Monday, March 18, 2013

'आओ मेरा बलात्कार करो’-पूर्वोत्तर की महिलाएं सुरक्षाबलों को क्यों ललकारती हैं ?


हमारे सैनिक वीर जवान हैं. वे बहुत मुश्किल हालात में रहते हैं. कभी कभी वे कुछ मुश्किलें खड़ी भी कर देते हैं. यह तब होता है जब उनमें से कुछ का जोश बाहर के दुश्मनों पर बरसने के बजाय अपने देश की माँ-बहनों पर ही ख़र्च होने लगे.
वेद प्रकाश पाठक जी ने अपनी एक पोस्ट में ऐसी पीड़ित औरतों का बयान करते हुए लिखा है कि
पूर्वोत्तर की उन पहाड़ियों से मिलता है जहां की बुजुर्ग महिलाएं सड़क पर उतरकर सुरक्षाबलों को ललकारती हैं कि ‘आओ मेरा बलात्कार करो....’। 
यह सही है कि कश्मीर हो या फिर पूर्वोत्तर, बगैर सुरक्षाबलों के हमारी राष्ट्रीय अस्मिता खतरे में पड़ जाएगी। वहां सैन्य ताकत चाहिए लेकिन हमारी मां-बहनों के बलात्कार की कीमत पर नहीं।
अतः ज़रूरतमंद सैनिकों के साथ उनकी पत्नियों के रहने का इंतेज़ाम किया जाना चाहिये. इससे 'फ़ौजी फ़ौज में, पड़ोसी मौज में' के हालात भी क़ाबू में रहेंगे और हमारे वीर जवान एकाग्र होकर मोर्चा संभाल सकेंगे.

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