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इसलाम धर्म: स्वर्गिक शांति का ख़ज़ाना है नमाज़ How to perfect your prayers (video)

इसलाम धर्म: स्वर्गिक शांति का ख़ज़ाना है नमाज़ How to perfect your prayers (video)
नशा और ब्याज हराम और वर्जित है, यह बात केवल और केवल क़ुरआन ही बताता है।
विधवा को दोबारा विवाह करने का और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है, यह बात केवल और केवल क़ुरआन ही बताता है।
क़ुरआन ऐसी बहुत सी बातें बताता है, जिनसे अन्याय और अत्याचार का ख़ात्मा होता है और जिन्हें जानना और मानना हरेक इंसान के लिए लज़िम है। इसीलिए हरेक इंसान को नमाज़ के लिए बुलाया जाता है ताकि हरेक इंसान क़ुरआन सुने और उसे जाने।
नमाज़ कम जानने वालों को ज़्यादा जानने वालों के साथ एक जगह इकठ्ठा कर देती है। इससे लोगों का ज्ञान बढ़ता है और यह बात अकेले प्रार्थना करने से हरगिज़ हासिल नहीं हो सकता।
नमाज़ ईश्वर का साक्षात्कार भी तुरंत कराती है।
ईश्वर वह है जो आदमी की नज़र और उसकी अक्ल की पहुंच से बहुत परे है।
नमाज़ यही अहसास कराती है।

आप नमाज़ अदा करके देखिए,
इसके फ़ायदे और इसके प्रभाव को आप ख़ुद ही जान जाएंगे।

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