Saturday, February 23, 2013

आतंकवाद का राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा ?

किसी आदमी की हत्या के बाद पुलिस इस बात पर भी विचार करती है कि इस आदमी की हत्या रंजिशन की गयी है या फिर किसी लाभ के लिये की गयी है ?
आतंकवाद का मक़सद राजनीतिक लाभ उठाना होता है. इसलिये आतंकवादी घटनाओं के बाद यह भी देखा जाना चाहिये कि इस आतंकवादी घटना का राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा ?
बम धमाकों का मक़सद लोगों को मारना नहीं होता. बम धमाकों से ज़्यादा लोग तो शराब पीकर मर जाते हैं या ब्याजखोर महाजन के डर से आत्महत्या कर लेते हैं.
ये आतंकवादी दरअसल अमन के दुश्मन हैं। इनके कुछ आक़ा हैं, जिनके कुछ मक़सद हैं। ये लोकल भी हो सकते हैं और विदेशी भी। जो कोई भी हो लेकिन इनके केवल राजनीतिक उद्देश्य हैं। ये लोग चाहते हैं कि भारत के समुदाय एक दूसरे को शक की नज़र से देखें और एक दूसरे को इल्ज़ाम दें। कुछ तत्व नहीं चाहते कि जनता अपनी ग़रीबी और बर्बादी के असल गुनाहगारों को कभी जान पाए। जनता का ध्यान बंटाने और उन्हें बांटकर आपस में लड़ाने की साज़िश है यह किसी की। इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं, उन तक पहुंचना भी मुश्किल है और उन्हें खोद निकालना भी। कुछ जड़ों से तो लोग श्रृद्धा और समर्पण के रिश्ते से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में कोई क्या कार्रवाई करेगा ?
इस बार भी बस ग़रीब ही पिसेगा !
उसी का ख़ून पानी है वही बहेगा !!
और इसी मुद्दे पर एक नज़र डा०  अनवर जमाल का यह मज़मून भी देखें -
Hindi Bloggers Forum International (HBFI): आतंकवाद के ख़ात्मे का एकमात्र उपाय Aatankwad Free India

1 comment:

DR. ANWER JAMAL said...

आतंकवादी दरअसल अमन के दुश्मन हैं ये लोग चाहते हैं कि भारत के समुदाय एक दूसरे को शक की नज़र से देखें और एक दूसरे को इल्ज़ाम दें। कुछ तत्व नहीं चाहते कि जनता अपनी ग़रीबी और बर्बादी के असल गुनाहगारों को कभी जान पाए। जनता का ध्यान बंटाने और उन्हें बांटकर आपस में लड़ाने की साज़िश है यह किसी की। इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं, उन तक पहुंचना भी मुश्किल है और उन्हें खोद निकालना भी।

Nice.

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