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Showing posts from January, 2013

जानिये कि राष्ट्र गान का अर्थ क्या है ?

जलियाँवाला बाग के नर संहार के बाद रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सम्मान में मिली अपनी ‘सर’ की उपाधि लौटा दी थी ! अपने देश की महिमा में उन्होंने बेमिसाल गीतों की रचना की है ! उनकी रचनाधर्मिता तथा उनके मंतव्यों को तोड़ मरोड़ के प्रस्तुत करना और भ्रामक प्रचार करना किसी भी तरह से उचित नहीं है !
जानिये कि राष्ट्र गान का अर्थ क्या है ?


आज 26 जनवरी है। हम सबके लिए एक मुबारक दिन है। इस मंच की तरफ से सबको मुबारकबाद। 
आज़ादी क़ुरबानी देकर मिली है और इसे बाक़ी रखने के लिए भी लगातार क़ुरबानी  दी जा रही है। देश पर बाहर और अन्दर हर तरफ से हमले हो रहे हैं। कहीं ज़रा से मतभेद को बढ़ाकर नाली से खाई बनाई बनायी जा रही है और जहां कोई मतभेद नहीं है, वहाँ मतभेद पैदा किये जा रहे हैं जबकि आज इस सब भेड़ों और मतभेदों को पहले कम और फिर ख़तम करने की ज़रूरत है।

रूहानियत के नाम पर धंधेबाज़ी और पाखंड

आज भारत में हज़ारों ऐसे गुरू हैं जो अपने ईश्वर और ईश्वर का अंश होने का दावा करते हैं और भारत क़र्ज़ में दबा हुआ भी है और क्राइम का ग्राफ़ भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अगर उनसे कहा जाए कि आप इतने सारे लोग साक्षात ईश्वर हैं तो भारत का क़र्ज़ ही उतार दीजिए या जुर्म का ख़ात्मा ही कर दीजिए।
तब वे ऐसा न कर पाएंगे।
वे सब मिलकर किसी एक मरी हुई मक्खी तक को ज़िंदा नहीं कर सकते।
इसके बावजूद न तो वे अपने दावे से बाज़ आते हैं और न ही उनके मानने वाले कभी यह सोचते हैं कि दवा खाने वाला यह आदमी ईश्वर-अल्लाह कैसे हो सकता है ?
रूहानियत के नाम धंधेबाज़ी और पाखंड फैला हुआ है।
यही पाखंडी आज साधकों को भ्रमित कर रहे हैं।
मालिक को राज़ी करने की लगन सच्ची हो और साधक अपनी अक्ल खुली रखे तो ही वह इस तरह के भ्रम से बच सकता है।

http://sufidarwesh.blogspot.in/2012/05/ruhani-haqiqat.html#comment-form

Mushayera: आप उसे आवारा या बदचलन मत कह देना Modern Girl

Mushayera: आप उसे आवारा या बदचलन मत कह देना Modern Girl

एक तन्ज़ एक हक़ीक़त किसी लड़की को आप रात गए किसी पब से या सिनेमा हॉल से निकलते देखें
या दिन दहाड़े किसी पार्क या खंडहर में किसी के साथ घुसते देखें तो
आप उसे आवारा या बदचलन मत कह देना
क्योंकि वह पढ़ी-लिखी है, समझदार है, जवान है, बालिग़ है
और तरक्क़ी कर रही है
वह ख़ुद को कितना भी सजाए,
अपना कुछ भी दिखाए,
चाहे ज़माने भर को रिझाए
चाहे उसकी आबरू ही क्यों न लुट जाए
आप उसे कभी ग़लत न कहना
दोष सिर्फ़ लड़कों को, समाज को, पुलिस और नेताओं को देना
ऐसा करके आप इज़्ज़त पाएंगे
समाज का चलन उल्टा है
सच से इसे बैर है।
आप सच कहेंगे तो ज़माना आपका दुश्मन हो जाएगा
जड़ों को पानी देकर यह शाख़ें कतरता है

Blog News: हिंदी ब्लॉगिंग के सामने संकट का एक सच्चा विश्लेषण Blogger's Analysis

Blog News: हिंदी ब्लॉगिंग के सामने संकट का एक सच्चा विश्लेषण Blogger's Analysis

हिंदी ब्लॉगिंग का एक साल और गुज़र गया लेकिन  फिर भी 10 साल पूरे नहीं हुए। इसके बावजूद हिंदी ब्लॉगिंग के 10 वर्षीय उत्सव मना डाले गए। हिंदी ब्लॉगिंग की इस प्री-मेच्योर डिलीवरी या भ्रूण हत्या को पूरे ब्लॉग जगत ने देखा और सराहा। संवेदनशील काव्यकारों और बुद्धिकारों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया और बदले में सम्मान आदि पाया। इसमें जो ख़र्च आया, उसे भी सहर्ष स्वीकार किया गया और यह परंपरा आगे भी जारी रहे, इसके लिए वे प्रयासरत हैं।...
http://blogkikhabren.blogspot.in/2012/12/bloggers-analysis.html