Tuesday, August 7, 2012

रिश्वत लेना-देना हराम है

तीन साल पहले दिल्ली के एक वकील साहब बचपन के किसी मुकदमे में सजायाब होकर तिहाड जेल पहुंचे, जेल में बहुत चर्चे थे, कि दिल्ली हाईकोर्ट के इतने बडे वकील साहब जेल में आ गए हैं, वकील साहब के बाकायदा दाढी थी, बडे मौलाना लगते थे, सब कैदी उनसे दबे रहते, मुकदमों के सिलसिले में मशवरा करते, वो मुफीद मशवरा देते, लोग उनसे मालूम करते कि आप इतने बडे वकील हैं फिर भी जेल में आगए, उन्होंने कहा जज रिश्‍वत मांग रही थी, मैं ने रिश्वत देने के मुकाबले में जेल को मुनासिब समझा, लोग कहते कि रिश्वत दे देनी चाहिए थी, तो वो कहते, रिश्वत देने से, मरने के बाद खतरनाक जेल जहन्नुम में जाने के बजाए यह आरजी अर्थात कुछ समय की तिहाड जेल अच्छी है। (रिश्वत लेना-देना हराम है)
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एक मुलाकात interview

Sunday, August 5, 2012

अच्छाई को एकजुट होकर फैलाना चाहिए

लोग यह चाहते हैं कि हमें न बदलना पड़े मगर दूसरे सब बदल जाएं। वे किसी की मुसीबत में काम न आएं। कोई सड़क पर पड़ा कराह रहा हो तो वे भले ही उसे नज़रअंदाज़ करके आगे बढ़ जाएं मगर उनकी तकलीफ़ को दूर करने के लिए भागे चले आएं।
यह समाज आज जैसा भी है। इसे ऐसा हमने ही बनाया है। हम में से हरेक ने इसे ऐसा बनाया है। समाज में आज अच्छाई अच्छे लोगों के दम से है। अच्छाई को बढ़ावा दिया जाए तो अच्छाई बढ़ेगी और ऐसा करने के लिए हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़ना होगा।
बुरी आदतों को छोड़ने की प्रैक्टिस रोज़े के ज़रिये से हो जाती है और यह सामाजिक एकजुटता को भी ज़ाहिर करती है। अच्छाई को एकजुट होकर फैलाना चाहिए।

Friday, August 3, 2012

फिर खुल जाएगी एक खुली हुई हक़ीक़त

अरविन्द केजरीवाल की अक्ल बड़ी है और उस से भी कई गुना बड़ा है उनका फैसला . उनकी लड़ाई का फायदा लेने के लिए जो अब तक उनके हक में चिल्ला रहे थे , वे अब अन्ना टीम के राजनीति में आने के फैसले को गलत बता रहे हैं .  अगर अन्ना टीम हारती है तो इसका मतलब यही होगा कि अन्ना जिस जनता के लिए लड़ रहे हैं उसे भ्रष्टाचार के बजाय जातिगत और सांप्रदायिक हितों की चिंता है.
अन्ना टीम की हार जीत भारतीय जनता के मिज़ाज की हक़ीक़त भी सामने ले आने वाली है.

Thursday, August 2, 2012

राखी के त्यौहार पर सभी बहनों को मुबारकबाद

इरादा मज़बूत हो तो याद दिलाने के लिए राखी का कच्चा धागा भी काफ़ी होता है।
राखी के त्यौहार पर सभी बहनों को मुबारकबाद और भाइयों को भी।

लव जिहाद से लैंड जिहाद तक

 जिहाद से जुड़ी शब्दावली शायद कहीं खत्म हो ऐसा लगता नहीं है मुस्लिम विरोधी संगठन राजनीति में अपनी बढ़त के लालच में नए नए शब्द गढ़ते जा रहे ...