Saturday, July 7, 2012

औरतों की मौजूदगी में व्यक्ति बहस से बच नहीं सकता

हम कई बार तय नहीं कर पाते कि  इस पोस्ट पर क्या कमेन्ट दें ?
मेरे साथ यही हुआ जब मैंने 'ब्लॉग  की ख़बरें' देखीं .
औरतों की मौजूदगी में व्यक्ति काम वासना के आकर्षण से बच नहीं सकता.
यह महात्मा बुद्ध ने बताया था . यह पोस्ट पढ़कर मुझे लगा कि
औरतों की मौजूदगी में व्यक्ति बहस से बच नहीं सकता.
कोई मुझे बताये कि इस पोस्ट पर क्या कमेन्ट दिया जाए ?

धर्म के नाम पर 'सेक्स' का खेल

2 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (08-07-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Suresh kumar said...

blogging ki duniya ke sartaaz ho aap sabhi log .ham to kisi bhi bahas vahas ke chakkar me nahi padhte koi bhi accha likhega to jarur padhege.
namskaar...

लव जिहाद से लैंड जिहाद तक

 जिहाद से जुड़ी शब्दावली शायद कहीं खत्म हो ऐसा लगता नहीं है मुस्लिम विरोधी संगठन राजनीति में अपनी बढ़त के लालच में नए नए शब्द गढ़ते जा रहे ...