Thursday, July 5, 2012

झंडे का रंग कोई भी हो, डंडा हमारा ही चलेगा.

दोस्त का काम है मिलना . सो वो मिले. हमने कहा कि  अगर झंडे का रंग भगवा हो जाए तो कैसा रहेगा ?
बोले, अच्छा रहेगा.
हमने कहा कि हमारे लिए कोई डरने वाली बात तो नहीं है न ?
बोले, डरने वाली बात उस दिन होगी जब डंडे का साइज़ और उसका रंग डिस्कस किया जाएगा.
हमने कहा तब कोई डर नहीं है.
दोस्त ने हैरत से पूछा, क्यों ?
भाई, आजकल अपने डंडे की बड़ी डिमांड है. झंडे का रंग कोई भी हो. डंडा हमारा ही लिया जाता है. हमारे डंडे में जान है न !
अतः झंडे का रंग कोई भी हो, डंडा हमारा ही चलेगा.

1 comment:

DR. ANWER JAMAL said...

झंडे का रंग कोई भी हो, डंडा हमारा ही चलेगा.

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