Saturday, April 28, 2012

ज़ुल्मो सितम की दर्दीली दास्तान, पैग़म्बर साहब सल्ल. की ज़िंदगी के वाक़यात Hardships of Rasulullah ﷺ *MUST WATCH*

मुख़तलिफ़ हदीसों में ये वाक़यात बयान हुए हैं। उनमें से कुछ यहां दी जा रही हैं। रंग , नस्ल और अलग अलग अक़ीदों में बंटी हुई इंसानियत को एक करने के लिए पैग़म्बर साहब सल्ल. ने क्या तालीम दी ? और उसके लिए क्या क़ुरबानियां दीं ?
यह सब नज़र के सामने रखने की ज़रूरत है।

1 comment:

DR. ANWER JAMAL said...

अल्लाह के नबी की सीरत का मुताला किया जाए तो सब्र की ऐसी मिसालें हमारे सामने आती हैं कि फिर अपने दुख दर्द सिरे से दुख दर्द ही नहीं लगते।
आप इसे सीरीज़ की शक्ल में दें।

जज़ाकल्लाह !

लव जिहाद से लैंड जिहाद तक

 जिहाद से जुड़ी शब्दावली शायद कहीं खत्म हो ऐसा लगता नहीं है मुस्लिम विरोधी संगठन राजनीति में अपनी बढ़त के लालच में नए नए शब्द गढ़ते जा रहे ...