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Thursday, January 19, 2012

मुसलमान पति से मिलने वाले लाभ को हर घर में आम कर दिया जाए तो हर घर आनंद से भर जाएगा

लव जिहाद का चर्चा फिर उठाया जा रहा है .
मुसलमान पति से मिलने वाले लाभ को हर घर में आम कर दिया जाए तो हर घर आनंद से भर जाएगा और स्त्री के मन पर किसी भौतिक अभाव का भी प्रभाव न पड़ेगा.


मुसलमानों को इल्ज़ाम न दो बल्कि जो वे देते हैं आप भी वही आनंद उपलब्ध कराइये.

अच्छी बातें एक दूसरे से सीखने में कोई हरज नहीं है,

मुसलमान योग शिविर में जाते हैं और योग सीखते हैं,

आप उनसे दाम्पत्य जीवन के आनंद का रहस्य जान लीजिए,

हक़ीक़त यह है कि जो मज़ा आता है उसे अल्फ़ाज़ बताया नहीं जा सकता.

ज़रा सोचिए कि आज मुसलमान को संदिग्ध बनाने की कोशिशें की जा रही हैं. शिक्षा और आय में उसे पीछे धकेला ही जा चुका है. इसके बावजूद भी जब एक लड़की अपना दिल हारना चाहती है तो वह एक मुसलमान युवक को ही क्यों चुनती है ?

परफ़्यूम छिड़ककर और बाइक लेकर सीटियां बजाते हुए तो हर समुदाय के युवक घूम रहे हैं.
लव जिहाद नाम की कोई चीज़ हक़ीक़त में होती तो क्या हम न करते ?
asal maakhaz :

'Love Jihad' उर्फ़ नाच न जाने आंगन टेढ़ा

2 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
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आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
सूचनार्थ!

veerubhai said...

BAAT ME DAM TO HAI ZANAAB .