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Showing posts from January, 2012

Golok जहां मनुष्य गाय को नहीं खाता, वहां गाय मनुष्य को खाती है - अज्ञेय

ब्लॉगर्स मीट वीकली (28) God in Ved & Quranमें गाय गांधी और गोडसे एक साथ गाय के साथ मुसीबत भी मुफ्त में
अमित चौधरी का विचार है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में 4 बड़ी पार्टियों-बीएसपी, एसपी, बीजेपी और कांग्रेस में सबसे खस्ता हालत बीजेपी की मानी जा रही है। इसके बावजूद बीजेपी सुधरने को तैयार नहीं है और मामला कोर्ट में होने के बावजूद चुनावी घोषणा पत्र में राम मंदिर का जिक्र करने से अपने आपको नहीं रोक सकी। आम तौर पर सभी पार्टियों के घोषणा पत्र में जनता की भलाई का वादा होता है। बीजेपी का चुनावी घोषणा पत्र भी इससे अलग नहीं है लेकिन एक चीज इसमें बड़ी हास्यास्पद लगी। बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनने के बाद (जिसकी संभावना नहीं दिख रही है) गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों (बीपीएल) को मुफ्त में गाय देना चाहती है।

अगर बीजेपी ने बीपीएल परिवारों को इसके लिए चुना है तो इसका मकसद उनकी गरीबी दूर करना ही होगा। इसमें हास्यास्पद बात यह है कि जो परिवार पहले से ही गरीबी रेखा से नीचे हैं यानी अपना पेट बमुश्किल से भर पाते हैं, वे गाय के लिए चारा कहां से जुटाएंगे? उनके पास इतनी जमीन नहीं कि खे…

ख़ास पेशकश : ब्लॉगर्स मीट वीकली (27) Frequently Asked Questions

इंसानजिनसवालोंकीवजहसेपरेशानरहताहैउनसबकाजवाबभीवहपासकताहैउनकीवेबसाइटपरदेखिए

Frequently Asked Questions
मौलानाअपनीबुढ़ापेकीउम्रमेंभीइसीशांतिऔररूहानियतकासंदेशलेकरपूरबसेलेकरपश्चिमतकघूमरहेहैं, जोलोगदिल्लीयाउसकेआसपासरहतेहैंवेमौलानावहीदुददीनख़ानसाहबकोरूबरूसुननेकीख़ुशक़िस्मतीपासकतेहैंउनकेसेंटरपरजिसकापताहैसीपीएसइंटरनेशनल 1 निज़ामुददीनवेस्टनईदिल्ली 110013 एकफ़ोननंबरभीहैजिसपरआपउनकेकार्यालयसेसंपर्ककरसकतेहैं- 01124357333

कैसी लगी आपको यह  ख़ास पेशकश ?
Asal Maakhaz : ब्लॉगर्स मीट वीकली (27) Frequently Asked Questions

सोमवार का मतलब है ब्लागर्स मीट वीकली, याद है न ?

विधवा समस्या इस बार की मीट का ख़ास टॉपिक था। वृंदावन में बहुत सी विधवाएं रहती हैं। जो निर्धन विधवाएं हैं, उनके मरने पर उनके शरीर को स्वीपर छोटे छोट पीस में काटकर थैलियों में भरकर फेंक देते हैं।
अंतिम संस्कार क्यों नहीं हो पाता इन विधवाओं का ?
और इससे भी बढ़कर यह कि उन्हें विधवा रहने पर मजबूर कौन करता है ?
अगर उनके सामने विवाह का विकल्प हो तो क्या वे विधवा रहकर कीर्तन करते रहना पसंद करेंगी ?
लेकिन बात यह है कि समाज में तो कुंवारियों को ही वर मिलने मुश्किल हो रहे हैं फिर विधवा को स्वीकारेगा कौन ?
वह कौन सी विचारधारा है जो विधवा के विवाह को प्रमुखता देती है ?


वह कौन सी विचारधारा है जिसके आदर्श पुरूषों ने विधवाओं से विवाह किया है , इस पर ग़ौरो फ़िक्र ज़माने की ज़रूरत है लेकिन किया किसी ने भी नहीं।
कहीं से किसी ने नहीं बताया कि इसका हल क्या है ?
ब्लागर मीट कहीं जंगल में रख लो तो मंगल मनाने हंसने बतियाने वहां पहुंच जाएंगे सब के सब और वृंदावन में बदहाल विधवाओं की चिंता न किसी दक्खनपंथी को है और न किसी मक्खनपंथी को।
हमदर्दी के जज़्बात से ख़ाली होकर कविताएं गाने का मतलब क्या रह जाता है ?
बस हरेक अप…

मुसलमान पति से मिलने वाले लाभ को हर घर में आम कर दिया जाए तो हर घर आनंद से भर जाएगा

लव जिहाद का चर्चा फिर उठाया जा रहा है .
मुसलमान पति से मिलने वाले लाभ को हर घर में आम कर दिया जाए तो हर घर आनंद से भर जाएगा और स्त्री के मन पर किसी भौतिक अभाव का भी प्रभाव न पड़ेगा.


मुसलमानों को इल्ज़ाम न दो बल्कि जो वे देते हैं आप भी वही आनंद उपलब्ध कराइये.

अच्छी बातें एक दूसरे से सीखने में कोई हरज नहीं है,

मुसलमान योग शिविर में जाते हैं और योग सीखते हैं,

आप उनसे दाम्पत्य जीवन के आनंद का रहस्य जान लीजिए,

हक़ीक़त यह है कि जो मज़ा आता है उसे अल्फ़ाज़ बताया नहीं जा सकता.

ज़रा सोचिए कि आज मुसलमान को संदिग्ध बनाने की कोशिशें की जा रही हैं. शिक्षा और आय में उसे पीछे धकेला ही जा चुका है. इसके बावजूद भी जब एक लड़की अपना दिल हारना चाहती है तो वह एक मुसलमान युवक को ही क्यों चुनती है ?

परफ़्यूम छिड़ककर और बाइक लेकर सीटियां बजाते हुए तो हर समुदाय के युवक घूम रहे हैं. लव जिहाद नाम की कोई चीज़ हक़ीक़त में होती तो क्या हम न करते ? asal maakhaz : 'Love Jihad' उर्फ़ नाच न जाने आंगन टेढ़ा

किसी अच्छे काम के लिए पीसफ़ुल एक्टिविटी करना जिहाद है . True Jihad - Mawlana Wahiduddin Khan

मौलाना साहब से मिलने के लिए और उनका लेक्चर सुनने के लिए निज़ामुद्दीन , नई दिल्ली गए थे। हमारे साथ अनस ख़ान और डा. अयाज़ अहमद भी थे। अब उनके बायीं तरफ़ भाई रजत मल्होत्रा जी आकर बैठ गए। लोगों ने एक स्लिप पर अपने सवाल लिखकर पूछने शुरू कर दिए और रजत भाई की गोद में रखे हुए लैपटॉप दुनिया के अलग अलग मुल्कों से सवाल और कॉम्पलीमेंट्स आने लगे।
एक सवाल जिहाद के बारे में आया।
मौलाना ने कहा कि जिहाद के माअना कोशिश के हैं। किसी अच्छे काम के लिए पीसफ़ुल एक्टिविटी करना जिहाद है।
जिहाद का मतलब क़िताल (युद्ध) नहीं है। क़ुरआन में आया है कि ‘ व-जाहिद बिहिम जिहादन कबीरा‘ यानि ‘और इस (क़ुरआन) के ज़रिये से उनके साथ जिहाद ए कबीर करो।
क़ुरआन कोई हथियार नहीं है। क़ुरआन कोई तलवार या बम नहीं है।
इस बारे में आप हमारी दो किताबें देखें,
1. ट्रू जिहाद
2. प्रॉफ़ेट ऑफ़ पीस
मौलाना की किताब ‘प्रॉफ़ेट ऑफ़ पीस‘ को पेंग्विन ने पब्लिश किया है।

एक सवाल आया कि कुछ लोग फ़िक्री ताक़त को कम और असलहे की ताक़त को ज़्यादा समझते हैं। क्या यह सही है ?
मौलाना ने फ़रमाया कि यह ग़लत बात है। असलहे की ताक़त से बड़ी कामयाबी मिलने की कोई मिसाल तारीख़ (इ…

वे इस्लाम की शीतल छाया में जीवन गुज़ार रहे हैं, लेकिन उन्हें बोध नहीं है।

जिसे जानना हो, वह जान ले !
वर्ण व्यवस्था जा चुकी है और इस्लाम आ चुका है। इस्लाम को न मानकर आप केवल अपना जीवन ही नष्ट नहीं कर रहे हैं बल्कि समाज के कमज़ोर वर्गों का जीवन भी नर्क बना रहे हैं .
एक दिन आपको उस मालिक को अपने इन सब कर्मों का जवाब देना है. यह धर्म और आपका यह जीवन सब कुछ उसी का दिया हुआ है और एक दिन वह आपसे इस नाफ़रमानी का हिसाब ज़रूर लेगा . कृपया विचार करें कि मुसलामानों से चिढ कर आप खुद को सत्य से महरूम क्यों कर रहे हैं ? इस्लाम आ चुका है आपके जीवन में Islam means 

गर्भवती, रजोनिवृत्त महिलाओं में मछली के तेल के 11 लाभ

महिलाओं मछली के तेल से एक बहुत लाभ सकता है.पूर्व सिंड्रोम, भ्रूण विकास और गर्भावस्था की वृद्धि की संभावना के उपचार - हृदय काम करता है, मस्तिष्क स्वास्थ्य, मूड लाभ में वृद्धि, लक्षण आदि के उन्मूलन के विनियमन की तरह सामान्य स्वास्थ्य लाभ के अलावा, महिलाओं को भी अतिरिक्त लाभ का आनंद मिलता है.हाँ!मछली के तेल तुम्हें बाहर ले अपनी उदास और तुम उज्ज्वल, स्वस्थ और स्वस्थ बनाते हैं.

महिलाओं के लिए तेल मछली: मछली के तेल प्रकार की समुद्री मछली और निकाले से सामन, अल्बकोर ट्यूना, लेक ट्राउट, सार्डिन हेरिंग, हलिबेट महिलाओं के लिए अच्छे हैं. मछली के तेल की आपूर्ति करता है EPA और DHA के रूप में दोनों स्वस्थ एसिड होता है जो उन्हें सहनशक्ति देना सामान्य और नियमित रूप से बीमारियों के खिलाफ लड़ने के लिए होते हैं. प्रमुख लाभ में से कुछ हैं: 1.सुरक्षा कैंसर से स्तन: स्तन कैंसर स्तन एक पूरे जीवन का बाजार कर सकते हैं महिला और सौंदर्य की हानि, जिसके परिणामस्वरूप. अनुसंधान दिखाया है कि मछली के तेल से फैटी एसिड की एक अच्छी आपूर्ति के साथ महिलाओं को स्तन कैंसर होने की संभावना कम है. DHA है एक प्राकृतिक विरोधी भड़का…

सूफ़ियों का तरीक़ा ए तालीम What is Sufism Tasawwuf ? [English] Shaykh-ul-Islam Dr.Tahir-ul-Qadri 1/3

नक्शबंदी सूफ़ियों का तरीक़ा ए तालीम
हज़रत ख्वाजा बाक़ी बिल्लाह रहमतुल्लाह अलैह (1563-1603) की आमद के साथ ही नक्शबंदी सिलसिला हिंदुस्तान में आया। नक्शबंदी सूफ़ियों की तालीम में हमने देखा है कि उनकी एक तवज्जो (शक्तिपात) से ही मुरीद के दिल से रब का नाम ‘अल्लाह अल्लाह‘ जारी हो जाता है यानि चाहे वह किसी से बात कर रहा हो या कुछ और ही सोच रहा हो या सो रहा हो लेकिन रब का नाम उसके दिल से लगातार जारी रहता है। जिसे अगर शैख़ चाहे तो मुरीद अपने कानों से भी सुन सकता है बल्कि पूरा मजमा उसके दिल से आने वाली आवाज़ को सुन सकता है। इसे ‘लतीफ़ा ए क़ल्ब का जारी होना‘ कहा जाता है। लतीफ़ अर्थात सूक्ष्म होने की वजह से इन्हें लतीफ़ा कहा जाता है। हिंदी में इन्हें चक्र कहा जाता है।
इसके बाद शैख़ की निगरानी में मुरीद एक के बाद एक चार लतीफ़ों से भी ज़िक्र करता है। ये भी अल्लाह के ज़िक्र से जारी हो जाते हैं। ये पांचों लतीफ़े इंसान के सीने में पाए जाते हैं। इस तरह सीने में पांच लतीफ़े अल्लाह के ज़िक्र से जारी हो जाते हैं। इन पांचों लतीफ़ों के नाम यह हैं-
1. लतीफ़ा ए क़ल्ब
2. लतीफ़ा ए रूह
3. लतीफ़ा ए सिर्र
4. लतीफ़ा ए ख़…

वर्ष 2012 आपके लिए एक अवसर है शांति पाने का, मालिक आप सबको शांति के ख़ज़ाने से भर दे।

एक पैग़ाम ईमेल से हमें मिला तो गोया कि हमें शब्द मिल गए नए साल की मुबारकबाद देने के लिए . [Blog News] मालिक आप सबको शांति के ख़ज़ाने से भर दे Happy 2012DR. ANWER JAMALSat, Dec 31, 2011 at 10:56 AMTo: ayazdbd@gmail.comवर्ष 2011 बस अब जा ही चुका है और वर्ष 2012 आपके सामने है। हम आपके लिए शांति की कामना करते हैं। मालिक आप सबको शांति के ख़ज़ाने से भर दे। मालिक आपको ऐसी शांति दे,  जो सदा आपके साथ बनी रहे। वर्ष 2012 आपके लिए एक अवसर है, शांति पाने का।
नए साल के मुबारक मौक़े पर हमारी तरफ़ आपके लिए एक अमूल्य भेंट है, जो शांति को तुरंत उपलब्ध कराती है। विभिन्‍न प्रकार की नमाज और उन्हें पढने का तरीका namaz ka tariqa

लाखों हिन्‍दी जानने वाले हमारे भाईयों-बहनों को अरबी न समझने के कारण नमाज़
पढने में दिक्‍कत होती है, उनकी परेशानी को देखते हुये, पेश है ऐसी किताब जो नमाज विषय पर हिन्‍दी में सभी जानकारी देती है .