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मज़दूर की मज़दूरी उसके शरीर का पसीना सूखने से पहले दे दो

अल्लाह कहता है कि परलोक में मैं तीन आदमियों का दुश्मन हूंगा। 
एक: जिसने मेरा नाम लेकर (जैसे-‘अल्लाह की क़सम’ खाकर)  किसी से कोई वादा किया, फिर उससे मुकर गया, 
दो: जिसने किसी आज़ाद आदमी को बेचकर उसकी क़ीमत खाई; 
तीन: जिसने मज़दूर से पूरी मेहनत ली और फिर उसे पूरी मज़दूरी न दी।

हदीस-शास्त्र !



Comments

हकीकत बयां की आपने डॉ अयाज़ साहब.
अल्लाह ने या जिस किसी ने उस के नाम से फरमाया, बजा फरमाया।
पर सुन कौन रहा है अल्लाह की?
आजाद आदमियों के लिए इतने फरमान लेकिन गुलामों के लिए?
यह कौन है जो गुलामी की प्रथा को बनाए रखना चाहता है?
गुलामों को आजाद कर देने के लिए एक शब्द भी नहीं? यकीनन ये अल्लाह नहीं हो सकता। संपत्तिवानों का बनाया कोई खुदा लगता है।
DR. ANWER JAMAL said…
Nice post .
इस तरह की पोस्ट्स लोगों का मार्गदर्शन करती हैं।
कृप्या इस तरह की पोस्ट्स पर विशेष ध्यान दें।

शुक्रिया !

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............... पाइल्स (बवासीर, अर्श): वात, पित, कफ़ ये तीनो दोष त्वचा, मांस, मेदा को दूषित करके गुदा के अंदर और बाहरी स्थानों मैं मांस के अंकुर (मस्से/फफोले) तैयार करते हैं. इन्ही मांस के अंकुरों को बवासीर या अर्श कहते हैं ! ये मांस के अंकुर गुदामार्ग का अवरोध करते हैं और मलत्याग के समय शत्रु की भांति पीड़ा करते हैं ! इसलिए इनको अर्श भी कहा जाता है. ( चरक) बवासीर का सबसे उत्तम उपचार आयुर्वेद के द्वारा ही किया जा सकता है ! आयुर्वेदिक उपचार एक बहुत ही सुलझा और बिना साइड इफ़ेक्ट का उपचार है ! पाइल्स को पूरी तरह से आयुर्वेदिक तरीके से ही ठीक किया जा सकता है| बाहरी लक्षणों के कारण भेद: बवासीर 2 प्रकार (kind of piles) की होती हैं। एक भीतरी(खूनी) बवासीर तथा दूसरी (बादी) बाहरी बवासीर। भीतरी / ख़ूनी बवासीर / आन्तरिक / रक्‍त स्रावी अर्श / रक्तार्श ख़ूनी बवासीर में मलाशय की आकुंचक पेशी के अन्दर अर्श होता है तो वह म्युकस मेम्ब्रेन (Mucous Membran…

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