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इस्लामी हिजाब इस्तेमाल करने के कुछ तरीक़े (सानिया मिर्ज़ा हिजाब में)

हिजाब मर्द के लिए भी लाज़िमी है और औरत के लिए भी लेकिन दोनों की शारीरिक संरचना में अंतर होने के कारण दोनों के हिजाब के हिस्सों और तरीक़ों में भी अंतर है।
आजकल ग़ैर मुस्लिम लड़कियां भी धूल और धूप से बचने के लिए हिजाब का इस्तेमाल करते हुए देखे जा सकती हैं।
ऐसे में यह जानकारी काम दे सकती है कि हिजाब के तरीक़े क्या हैं ?
इस मौज़ू पर बहन अंजुम शेख़ की यह पोस्ट बहुत काम देती है जिसमें हिजाब बांधने के कुछ तरीक़े बताए गए हैं।
देखिए :-

हिजाब बांधने के कुछ तरीके

अब बात करते हैं हिजाब बांधने के कुछ तरीकों की, नीचे कुछ पिक्चर्स हैं, जिन्हें देखकर हिजाब पहना जा सकता है, मतलब पर्दा किया जा सकता है.

अक्सर लोग परदे को घृणा के दृष्टि से देखते हैं, हालाँकि हर धर्म और देश में इसे मान्यता प्राप्त है, केवल कुछ जंगली प्रजातियाँ ही शरीर का पर्दा नहीं करती हैं, वर्ना सभी सभ्यताओं में इसे उचित स्थान प्राप्त था. हमारे देश हिन्दुस्तान की भी यही तहज़ीब रही है, और शरीर को दिखने की यहाँ कभी भी प्रथा नहीं रही. हिजाब, ना केवल शरीर को बल्कि बालों को भी तहज़ीब के साथ अच्छी तरह ढकता है.

अक्सर नए ज़माने को बरतरी देने वाली लड़कियां इससे नफरत करती हैं, लेकिन धूप और धूल से बचने के लिए ना केवल हिजाब बल्कि निकाब भी पहनती नज़र आती हैं. हालाँकि धर्मों में भी इन्ही वजहों से हिजाब तथा निकाब का चलन है, तथा यह इसके साथ-साथ बुरी नज़रों से भी बचाता है. और कतई ज़रूरी नहीं की अपने लक्ष्य अर्थात घर पहुँचने के बाद भी इसे पहना जाए.





[टेनिस खिलाडी सानिया मिर्ज़ा हिजाब पहने हुए]
माखज़ :- http://anjumsheikh.blogspot.com/2010/07/anjum-sheikh.html

Comments

DR. ANWER JAMAL said…
आभार आपका इसे प्रस्‍तुत करने के लिए।

‘ब्लॉगर्स मीट वीकली 6‘
prerna argal said…
आपकी पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली(७) के मंच पर प्रस्तुत की गई है/आपका मंच पर स्वागत है ,आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये /आप हिंदी की सेवा इसी तरह करते रहें ,यही कामना है / आप हिंदी ब्लोगर्स मीट वीकलीके मंच पर सादर आमंत्रित हैं /आभार/

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