Friday, August 19, 2011

देखिये एक डिज़ायनर पोस्ट , डिज़ायनर ब्लॉगिंग में रामबाण है ‘हनी बी तकनीक‘ Hindi Blogging Guide (27)

‘हनी बी तकनीक‘ अर्थात मधुमक्खी तकनीक एक सफल तकनीक है जो सदा काम करती है और आपके ब्लॉग तक पाठक खींच लाती है और न सिर्फ़ बहुत से पाठक खींच लाती है बल्कि उन पाठकों को टिप्पणी करने के लिए मजबूर भी करती है।
डिज़ायनर पोस्ट 
ब्लॉगवाणी के जिस ब्लॉग को मैंने सबसे पहले फ़ोलो किया वह डाक्टर टीकाराम जी का था और मुझे आज भी याद है कि मैंने चिठ्ठाजगत पर सबसे पहले जिस ब्लॉग के शीर्षक पर क्लिक किया वह ब्लॉग मिस कंचन का था। उसके बाद मैंने कितने ही ब्लॉग पढ़े और उनसे बहुत कुछ सीखा और गर्व होता है कि हमारे बीच अमीर लाल जी, कबीर लाल जी , नयनसुख जी और मुन्नीबाई जी जैसे हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर मौजूद हैं। मुझे भाई अरबाज़ हुसैन की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में इन सभी के साथ रू ब रू मिलने का इत्तेफ़ाक़ भी हुआ और वे पल जीवन के अविस्मरणीय पल बन चुके हैं।
मुझे याद है कि जब मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया तो ठीक उसी दिन हमारा कुत्ता टॉमी बीमार हो गया। जिसका इलाज फ़ॉरेन रिटर्न डाक्टर टेकचंद गोयल जी से कराया जाना बहुत ज़रूरी था। इसका मतलब यह था कि अपनी पज़ेरो तो टॉमी के लिए बुक हो गई और बेटा अपनी स्पोर्ट मोटर साइकिल हमें देगा नहीं। मन मारकर हमें सूमो पर ही समझौता करना पड़ा। हमारी श्रीमति जी ने हमें बहुत शर्म दिलाने की कोशिश की कि हम अपना कार्यक्रम रद्द करके उनके साथ टॉमी को लेकर डाक्टर के पास चलें लेकिन हमें तो उनकी हर बात बस एक ऐसा उपदेश लग रही थी जिसे पूरा करना हमारे बस में नहीं था और सही भी है। इस बात को एक मशहूर लतीफ़े में इस तरह बयान किया गया है

एक दोस्त - यार ग़ज़ल और उपदेश में क्या अंतर है ?
दूसरा दोस्त - शादी से पहले महबूबा की हर बात ग़ज़ल लगती है और शादी के बाद पत्नी की हर बात उपदेश लगने लगती है
पूरी तकनीक और पूरा फ़ायदा पता चलेगा डा. अनवर जमाल साहब के साझा ब्लॉग पर

डिज़ायनर ब्लॉगिंग में रामबाण है ‘हनी बी तकनीक‘ Hindi Blogging Guide (27)

लव जिहाद से लैंड जिहाद तक

 जिहाद से जुड़ी शब्दावली शायद कहीं खत्म हो ऐसा लगता नहीं है मुस्लिम विरोधी संगठन राजनीति में अपनी बढ़त के लालच में नए नए शब्द गढ़ते जा रहे ...