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हैवान को सज़ा सलट वॉक की ज़रूरत ख़त्म कर देती है ?


सलट वॉक की ज़रूरत  इसलिए पड़ रही है क्योंकि पशुबल संपन्न आदमी जब औरत को अपना शिकार बना लेता है तो उसे इंसाफ़ के बजाय ज़िल्लत मिलती है। अगर मज़लूम औरत को इंसाफ़ मिल जाए और हैवान को सज़ा तो आज दुनिया में कहीं भी सलट वॉक निकालने की ज़रूरत ही न होती ।
...लेकिन यह दुनिया भी कैसी है कि ख़ुद तो सज़ा देना नहीं चाहते और जब कोई  हैवान को सज़ा देने की कोशिश करता है तो उसकी आलोचना करते हैं।
इसी मौज़ू को लेकर हमने कुछ तहरीर किया है , इस पर आपकी राय चाहिए

आंख के बदले आंख का इंसाफ ??? ( एक रिपोर्ट जिसे सुना भी जा सकता है )

Comments

रचना said…
good at last people are understanding the need of slut walk
DR. ANWER JAMAL said…
रचना जी ! आप अपनी बात कहने के चक्कर में यह भी नहीं देख पा रही हैं कि इस पोस्ट में किस बात की ज़रूरत पर बल दिया जा रहा है ?
रचना said…
mr anwar jamal
does this blog belong to you ??

no

do you have permission from the author of this blog to keep doing blah blah without any need with other commentators

i will comment where i want to comment
if i dont want to comment on your blog i will not
and i will write and discuss with the blog author and not you please

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