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इंग्लैंड मे मुसलमान बनने वालों की संख्या ने रिकार्ड बनाया ।

विभिन्न धर्मों के बीच काम करने वाले एक थिँक टैँक ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में कहा है कि इंग्लैंड में पिछली दहाई में धर्म बदल कर मुसलमान होने वालों मे काफी वृद्धि हुई है कैठ मैटर्स नाम के इस थिँक टैँक ने धर्म बदलने वाले अंग्रेजो के बारे मे कहा है कि ऐसे लोगों की संख्या एक लाख तक पहुँच सकती है जबकि पाँच हज़ार सालाना लोग मुसलमान बन रहे हैं हालाँकि इस सर्वे से पहले धर्म परिवर्तन करने वालों की संख्या 14 हज़ार से 25 हज़ार के बीच बताई गई थी । धर्म परिवर्तन करने वालों की ये संख्या दर्शाती है कि अमेरिका में 11 सितम्बर और लंदन में 7 जुलाई को हुए हमलों का धर्म परिवर्तन पर कोई खास असर नही पड़ा है । इंग्लैंड के मुख्य समाचार पत्र "द इंडीपैँडेँट" के मुताबिक इस सर्वे मे 2001 की स्काटिश जनगणना के हवाले का प्रयोग किया गया है। सर्वे मे शामिल लोगों से ये पूछा गया कि जन्म के समय उनका धर्म क्या था और अब उनका धर्म क्या है ? इसके अलावा सर्वेकारोँ ने लंदन की मस्जिदों का भी दौरा किया और ये पता किया कि एक साल के अंदर धर्म परिवर्तन के कितने मामले होते हैं । मस्जिदों में पिछले साल धर्म परिवर्तन करने वालों की संख्या 1400 के करीब थी इसकी बुनियाद पर धर्म परिवर्तन करने वालों की संख्या पूरे देश मे औसतन 5200 थी ।

Comments

DR. ANWER JAMAL said…
कल्याण हो भी तो कैसे हो ?
जो लोग इच्छाओं के पीछे भागते हैं और उन्हें पूरी होते नहीं देखते वे निराशा और कुंठा से भर जाते हैं ये हिंदू मुसलमान कम और मनोरोगी ज़्यादा होते हैं ।
धर्म से दूर भागना इसका हल नहीं है बल्कि इसका हल ही केवल धर्म है ।
हिंदू धर्म में भी ईश्वर आत्मा और परलोक में कर्मफल भोगने की हकीकत से आगाह किया गया है ताकि मनुष्य अपने अंदर दया क्षमा करुणा और उपकार जैसे गुणों को विकसित करे । इसलाम की तालीम भी यही है । जब यह बात भुला दी गई तो लोग सच्चे अर्थों में हिंदू मुसलमान न बचे बल्कि मनोरोगी बनकर रह गए हैं और जो इनकी बीमारी का इलाज बताता है उस डाक्टर का ये विरोध करते हैं , धर्म से दूर भागते हैं , कल्याण हो भी तो कैसे हो ?
आपने भी उचित ही पश्चिमी समाज में इस्लाम के बढ़ते स्वागत की तरफ़ ध्यान दिलाया है । आशा है कि भारतीय समाज भी इससे प्रेरणा लेगा जैसे कि वह नाचने खेलने में उनसे सीख लेता है ।
देखिए
प्यारी माँ

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