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न्याय कैसे होगा?

पुरस्कार और दंड के लिए आवश्यक है कि अदालत कायम हो, हिसाब किताब हो, लोगो के पक्ष या विपक्ष मे गवाहियाँ दी जाएँ और न्यायधीश इंसाफ़ के साथ फैसला करे, दुनिया मे अगर इंसाफ़ नही होता या लोगो को उनके कर्म का बदला पुरस्कार या सज़ा नही मिलती तो इसके कई कारण है ,अपराधी पकड़ा नही जाता या उसके विरुद्ध गवाह और उसके अपराधो का ठीक ठीक आकलन नही होता रिश्वत ,सिफारिश दबाव आदि से अपराधी बच निकलता है अगर दंड मिल भी जाए तो उसके अपराधो के लिए काफी नही होता। इसी तरह जो लोग दुनिया मे अच्छे काम करते है और उनके कामों का प्रतिफल नही मिलता तो उसके भी कई कारण हो सकते है । लोगो को उनके द्वारा किए गए अच्छे कामों का पता ही न चला यदि चला भी तब भी लोगो के पास वे साधन ही नही हो जिससे वे अच्छे लोगो को उनके कारनामोँ का उचित पुरस्कार दे पाते। परलोक में इनमे से कोई व्यवधान मौजूद नही होगा। प्रत्येक व्यक्ति ईश्वर की अदालत में अपने अच्छे बुरे कार्यो के साथ उपस्थित होगा । केवल ईश्वर की अदालत मे मानव को अपने किए गए कर्मो का सही प्रतिफल मिलेगा । इसी प्रतिफल का नाम स्वर्ग या नरक है

Comments

Dr. Ayaz ahmad said…
ईश्वर वादों को पूरा करने वाला और दयावान है। इसलिए उसके वफ़ादार बंदे नरक की यातना से बच जाएँगे।और स्वर्ग की सदैव रहने वाली अपार नेमतोँ के अधिकारी होंगे।
Anonymous said…
very nice
Anonymous said…
मुसलमान हमेशा अपने मुँह मियाँ मिठठू बनते है
अँडा फोड़ने मे मज़ा आएगा
Dr. Ayaz ahmad said…
शुक्रिया सत्य गौतम जी सल्फ़ साहब और अनवर भाई
केवल ईश्वर की अदालत मे मानव को अपने किए गए कर्मो का सही प्रतिफल मिलेगा । इसी प्रतिफल का नाम स्वर्ग या नरक है
बहुत बढ़िया!



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Anonymous said…
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